Dhan 468 - धान 468
Dhan 468 - धान 468 की जानकारी
दोस्तो धान भारत में उगाई जाने वाली प्रमुख फसल है। धान की खेती मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, केरल, आदि राज्यों में सफलता पूर्वक की जाती है। लेकिन धान में नंबर वन राज्य पंजाब , हरियाणा है। जिसका लगभग 40% धान का उत्पादन होता है
जो किसान भाई धान की खेती करते है उसके पास यह समस्या अति है वह अपने एरिया के हिसाब से सही वैरायटी का चुनाव में कर पाते। आप हम आपको भारत में सबसे ज्यादा लगाई जाने वाली धान 468 के बारे में बताने वाले है। कावेरी 468 धान की वैरायटी भारत के सभी राज्यों में लगाई जा सकती है
तो आइए जानते है कावेरी 468 धान के बारे में।
कुछ निम्न बिंदुओं में
- धान 468 कैसी है
- धान 468 की खेती किन राज्यों कर सकते हैं
- धान 468 रोपाई का सही तरीका
- धान 468 में उर्वरक का प्रयोग
- धान 468 कितने दिन की वैरायटी है
- धान 468 में रोगों की जानकारी
- धान 468 में पानी की आवश्यकता
- धान 468 का उत्पादन क्या है
1. धान 468 वैरायटी कैसी है
धान 468 कावेरी कंपनी की बहुत अच्छी धान है , यह वैरायटी भारत में प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं इस वैरायटी को वह किसान भाई लगा सकते है जिनके पास पानी को कमी है यह काम पानी में भी अच्छा उत्पादन दे देती है।
2. धान 468 की खेती किन राज्यों में कर सकते हैं
कावेरी 468 धान की खेती आप उनसभी राज्यों में कर सकते जिन राज्यों में पानी की कमी का फिर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ये वैरायटी काम पानी में भी अच्छा उत्पादन दे देती है
इसकी खेती आप मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब , हरियाणा आदि राज्यों में कर सकते हैं
3. धान 468 की रोपाई का सही तरीका
किसान भाई आप यदि धान की खेती करते है तो आपको रोपाई का सहे तरीका पता होना चाहिए ताकि आप एक निश्चित दूरी पर रोपाई कर सके
कावेरी 468 काम अवधि में पाक कर तैयार होने वाली वैरायटी है। इसलिए आप किसकी रोपाई करते समय दो पौधो को एक जगह पर लगाए और पौधे से पौधे की दूरी 8 से 10 सेंटी मीटर रखे।
4. धान 468 में उर्वरक का सहे प्रयोग
कावेरी 468 धान की वैरायटी काम अवधि में पाक कर तैयार होने वाली वैरायटी है इसलिए इसमें उर्वरक की मात्रा बहुत ज्यादा नही लगती , इसमें आप दो बार उर्वरक डाल देते है तो यह वैरायटी पाक कर तैयार हो जाती है।
5. धान 468 कितने अवधि की वैरायटी है
कावेरी 468 धान की वैरायटी मात्रा 115 से 120 दिन में पककर तैयार हो जाती है। इस वैरायटी मात्रा 90 दिन में बलिया निकल आती है।
6. धान 468 में रोगों का प्रबंधन
कावेरी धान 468 लगभग सभी रोगों के प्रति सहनशील होती हैं। जैसे blb , lbb , हल्दी रोग , कांडो, झुलसा आदि रोगों के प्रति सहनशील है।
7. धान 468 में पानी का प्रबंधन
कावेरी धान 468 में पानी की आवश्यकता ज्यादा नही होती है। यह सूखे क्षेत्रो में भी अच्छा उत्पादन दे सकती है।
8. धान 468 का उत्पादन
कावेरी 468 का उत्पादन पानी काम मिलने पर भी यह 28 से 30 किंटल प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन दे देती हैं
यदि पानी का प्रबंधन सही तरीके से किया जाए तो यह वैरायटी आपको 32 कुंतल प्रति एकड़ के हिसाब से उत्पादन दे सकती हूं।
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यदि इन सब बातों को ध्यान में रखकर कहा जाए तो आप कावेरी 468 धान की लगाकर अच्छा उत्पादन ले सकते
हमारे कई किसान भाई है जो कावेरी 468 धान की खेती करने अच्छा उत्पादन ले रहे है।यदि आप धान की खेती के बारे मे अधिक जानकारी लेना चाहते हैं तो आप हमारे अन्य आर्टिकल पढ़ सकते हैं।
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